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राउरकेला में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े जश्न के साथ मनाया गया

राउरकेला, 15/8/2026: राउरकेला के उदितनगर मीनी स्टेडियम में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े जश्न के साथ मनाया गया। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और नगर निगम आयुक्त दीना दस्तगीर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं और उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सम्मिलित परेड़ की सलामी ली। इस मौके पर, उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को श्रद्धांजलि दी।   स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि राउरकेला की एक खास पहचान है। सरकार ने राउरकेला के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। राउरकेला ने औद्योगिक, स्वस्थ्य,शिक्षा और खेल जगत के क्षेत्र में विकास किया है। 2023 में राउरकेला में पुरूष हॉकी विश्व कप, हॉकी प्रो लीग,

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स्वतंत्रता दिवस पर जांबाजों का सम्मान:301 को वीरता पदक; 92 को राष्ट्रपति पदक, 664 को सराहनीय सेवा सम्मान

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस, फायर, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं के 1,057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 301 वीरता पदक, 92 राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। वीरता पदकों में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों को सबसे अधिक सम्मान मिला। 301 कर्मियों को वीरता पदक गृह मंत्रालय के मुताबिक, 301 वीरता पदकों में से सबसे अधिक पुरस्कार उन कर्मियों को दिए गए हैं, जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस का परिचय दिया। इनमें ऐसे 197 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51, पूर्वोत्तर के 12 और देश के अन्य हिस्सों के 41 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए

Cg:सरेंडर महिला नक्सलियों ने रैंप वॉक कर दिखाया हुश्न का जलवा, पहली बार ऐसा नजारा देखकर दंग रह गए लोग

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें संक्षिप्त विज्ञापन देखें विज्ञापन लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें CG Surrender female Naxalites: कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर संभाग अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। अब नक्सलियों की मांद में गोली नहीं बल्कि विकास की बयार बह रही है। अपना बस्तर बदल रहा है। ऐसे में जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, उन्हें राज्य की साय सरकार मुख्यधारा से जोड़कर जीवन की नैया आगे बढ़ा रही है। उन्हें प्रोत्साहित कर रोजगार दे रही है। जीवकोपार्जन के तमाम साधन मुहैया करा रही है।  2

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